दिल

  • ख्वाहिस बस इत्ती सी

    तेरे आने के खुशी में पलकें भींगी मेरी थाम न पाया आँसूओं का सैलाब जब होने लगी तू रूखसत।। रोक न पाया तुझे क्योंकि तू अमानत थी किसी और की।। खिलते थे गुलिस्तां मेरे मन के बगिया में पर, तेरी जङे थी किसी और के मल्कियत में।। ख्वाहिस बस इत्ती सी रहे जहाँ भी झूमती…

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  • बातें

    बीती बातों का है अंबार इजहार करने को मन है तैयार पर किस छोर से शुरू करें किस डोर को ढीली करें समझ न पायें हम।। विराम दिया, कुछ क्षण लेखनी को लगाम दिया मन के आवेगों को व्याकुलता तो है बहुत उमंगो को रंग दें पर किसमे कितना रंग भरें तय कर पाना है…

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  • मिलेगें हम एक बार

    रूबरू हुए हम बीते पल से सजते थे महफिल हमारे दम पर।। समय के चक्रवात ने कर दिया चकनाचूर संजोए उम्मीद सारे।। दफन हो गये सब ख्बाब हमारे रह गए सिर्फ अवसाद हमारे।। एक आस है बाकि कभी तो, कहीं तो मिलेगें हम एक बार।।  © इला वर्मा 19-01-2016

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  • #BookReview – The Bestseller She Wrote by Ravi Subramanian

    Title: The BestSeller She Wrote Author: Ravi Subramanian Genre: Romance & ThrillerPublisher: Westland Ltd.Release Date: 19th October 2015 Format: Paperback  Cover Design: Think WhyNotPages: 391  Price: INR 295Source: Blogadda.com Video: Check it out for more. Video My rating: 4/5 It was a dream come true to receive an author signed book, ‘The Bestseller She Wrote’ by Ravi Subramanian, courtesy by Blogadda for the book review. Thank you Blogadda. I…

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  • लागी छुटे ना ।।

    तुम्हारी खुशी की खातिर हमने वादा तो दे दिया हम उदास न होगें तेरे बिन बस एक बार मेरी आँखों में झाँक तो लिया होता मेरी आँखों में तैरती है तस्वीर तेरी।। भूलाना तो नाममुमकिन है मेरे ख्बाबों में भी बसते हो सिर्फ तुम ही तुम।। प्यार मेरा सच्चा है तेरे लिए पर स्वार्थी नहीं…

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  • ये नजदीकियाँ

    ख्बाबों में वे,     दस्तक देते हैं रोज।। आ जाओ अब, मेरे आगोश में। दूरियाँ, सही नहीं जाती अब। मुद्दत से कर रही हूँ, इंतजार, मुहुर्त, उस पल का, जब मैं “मैं” न रहूँ, तुम “तुम” न रहो, हो जाए “हम” हर सफर हो साथ, ये नजदीकियाँ।। © इला वर्मा 21/11/2015

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  • अजीज अजनबी

    मेरा अजीज बन गया अजनबी दूर आगे बढ गया बेमायने हुऐ, कल के रिश्ते रौंद कर निकल गया। बेजुबान, एक टक घूरती रही नम आँखों से बिदा किया शिकवों का तो अंबार था पर जुबां हिली नहीं दिल ने हजार दुआएँ दी यह अजनबी मेरे दिल के करीब है अभी भी अजीज है। © इला…

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