ज्जबात

  • बातें

    बीती बातों का है अंबार इजहार करने को मन है तैयार पर किस छोर से शुरू करें किस डोर को ढीली करें समझ न पायें हम।। विराम दिया, कुछ क्षण लेखनी को लगाम दिया मन के आवेगों को व्याकुलता तो है बहुत उमंगो को रंग दें पर किसमे कितना रंग भरें तय कर पाना है…

    Loading

  • कोई लौटा दे मुझे मेरा बीता बचपन

    SOURCE: here जब हम बच्चे थे अक्ल के कच्चे थे हमारे मन सच्चे थे ऊँच-नीच का ज्ञान नहीं द्वेष और भेदभाव से परे।। अपनी इक छोटी सी दुनिया जो सजती गुङिया-गुड्डों, रंग-बिरंगे खिलौने से जिनमें बसती थी जान हमारी।। सज-संवर कर रंग-बिरंगे कपङों में माँ की ऊँगली पकङ कर जाते हम स्कुल ज्योंहि माँ ऊँगली…

    Loading

  • लागी छुटे ना ।।

    तुम्हारी खुशी की खातिर हमने वादा तो दे दिया हम उदास न होगें तेरे बिन बस एक बार मेरी आँखों में झाँक तो लिया होता मेरी आँखों में तैरती है तस्वीर तेरी।। भूलाना तो नाममुमकिन है मेरे ख्बाबों में भी बसते हो सिर्फ तुम ही तुम।। प्यार मेरा सच्चा है तेरे लिए पर स्वार्थी नहीं…

    Loading