हर एक फ्रेन्ड जरूरी होता है

हर एक फ्रेन्ड
जरूरी होता है
जिंदगी के हर
डगर पर
मिलते हैं दोस्त
अनेक
दोस्तों की महफिल
जमती
तो, काफूर हो जाते
सब गम
बिन्दास हो,
गाना-बजाना करते हम
चेहरे से गायब
हो जाती,
शिकन
हर छोटी मोटी
बातों पर
लोट-पोट हो
हंसी-ठिठोली लगाते हम।।
हम हैं,
गुलदस्ते के रंग-बिरंगे फूल,
संग मिलकर
खूबसूरत आकार देते
हम
लङते-झगङते
चीखते-चिल्लाते
बात-बात पर
हम
पर
दोस्तों की बात
दिल पे वार
करती नहीं
चुभती नहीं
ना ही गिले-शिकवे
ना आक्रोश
रह जाते मन
में।।
दोस्तों की बात
निराली
बाँटतें हम उनसे
हर इक बात
हर एक बात
का
राजदार।।
कुछ मस्ती करते
नही थकते
मनमानी कर
बहुत हंसते
उदास हम
रह नही पाते।।
जिंदगी की आपा-धापी में
दोस्तों से बिछङ
जाते हम
य़ाद उनकी
रह जाती है
मन के अंतरमन
में।।
© इला वर्मा 24-01-2016

This post is a part of Write Over the Weekend, an initiative for Indian Bloggers by BlogAdda.

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