thoughts

  • ख्यालात

      क्युँ नवाजा उन्हें, कुदरत की खुबसूरत नियामत से, जिन्हें कद्र नहीं, कुदरत के अनमोल सौगात संभालने की।।© इला वर्मा 27/12/2015

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  • कमबक्त

      बंद पृष्ठों को,हवा न दो,संभाल न पाऊँगा,खुद को। कमबक्त,अवशेष में,उफान है बाकी,बङी मुश्किल से,रोका है इन,उमङते सैलाबों को।। © इला वर्मा 24/11/2015    

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  • तन्हाई

    भीङ में हम तन्हा इससे तो अच्छा दोस्ती कर लेते हम तन्हाई से तन्हा तो न रह जाते। © इला वर्मा 11/11/2015                                  Image Source: Google

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