passion

  • कभी तो वो तरसेगें मेरे लिए

    अमूक, उसे निहारता रहा लब सिल गये। मेरी खामोशी को बेरूखी समझ बढ गये, वे अकेले थाम लिया दूसरे का दामन तन्हा रह गया मैं अकेला।। मेरी आशिकी के किस्से, बंद रह गए, मेरी डायरी में।। घरवाली ने रद्दी समझ, बेच डाला, कौङियों के मोल। आवाक् हो सिर्फ “उफ्फ “कह सका कमबक्त, दोषी तो मेरा…

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  • My New Blog

    Take Time Out To Visit My New Blog Thoughts Uncovered! My Expressions In Ink. Thanks! Ila Varma. Follow: WordPress Link: https://thoughtsuncoveredblog.wordpress.com Facebook Page Link:https://www.facebook.com/Thoughts-Uncovered-142199136134178/

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  • ये नजदीकियाँ

    ख्बाबों में वे,     दस्तक देते हैं रोज।। आ जाओ अब, मेरे आगोश में। दूरियाँ, सही नहीं जाती अब। मुद्दत से कर रही हूँ, इंतजार, मुहुर्त, उस पल का, जब मैं “मैं” न रहूँ, तुम “तुम” न रहो, हो जाए “हम” हर सफर हो साथ, ये नजदीकियाँ।। © इला वर्मा 21/11/2015

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  • बांवरा मन

    ख्बाबों की लङियाँ, जुुङती हमारी सांसों से, उम्मीद बुनी हजारों, हकीकत के किनारे, जुङते-जुङते, बिखर गये सारे।। ये बांवरा मन, फिर पीरोने लगा, ख्बाबों की लङियाँ, नई उम्मीद , नई किरण के संग।। बेसमझ, नादांन ये मन, तरंग लेता हजारों, जोङता नई ख्वाहिस से, नये पुराने  ख्बाबों को।। दिल सेे यह है वादा जाने नहीं…

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  • बेखबर

    मैं बेखबर दबे पाँव वे मुस्कुराए हुई गुलजार जिंदगी । © इला वर्मा 08/11/2015                                   Image Source: Google

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  • स्याह रात

    स्याह रात है आओ हम सजा दें अपने प्यार के सितारों से रौशन कर दें समां अपने अरमानों से। © इला वर्मा 07/11/2015                                               Source: Google

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  • हम भी कभी जवां थे

    हाथ उठे खुदा की इबादत में रूक गए हुस्न की तारिफ में। खुदा ने कबूल किया  मुस्कुरा कर, याद कर हम भी कभी जवां थे। © इला वर्मा  06/11/2015                                                      Source: Google

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