life

  • कभी तो वो तरसेगें मेरे लिए

    अमूक, उसे निहारता रहा लब सिल गये। मेरी खामोशी को बेरूखी समझ बढ गये, वे अकेले थाम लिया दूसरे का दामन तन्हा रह गया मैं अकेला।। मेरी आशिकी के किस्से, बंद रह गए, मेरी डायरी में।। घरवाली ने रद्दी समझ, बेच डाला, कौङियों के मोल। आवाक् हो सिर्फ “उफ्फ “कह सका कमबक्त, दोषी तो मेरा…

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  • देखो, हँस न देना

       हाय रब्बामजाक भी अच्छी कर लेते हो।मेरे दिल का अजीजबन गई मेरे दोस्त की नसीब।गुस्ताखी थोङी,मैंने ही की थी।नौकरी बचाने के चक्कर में,चंद रूपए,सिनेमा घर के टिकट के बर्बाद न होमैंने ही भेजा दोनों को साथ।क्या खुदाई,दोनों ने निभायी मेरे संग।कसमें खाई,रहेगें संग सदा,मैं उनकी शादी में,बारातियों के स्वागत मे तन- मन से लगा…

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  • कमबक्त

      बंद पृष्ठों को,हवा न दो,संभाल न पाऊँगा,खुद को। कमबक्त,अवशेष में,उफान है बाकी,बङी मुश्किल से,रोका है इन,उमङते सैलाबों को।। © इला वर्मा 24/11/2015    

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  • My New Blog

    Take Time Out To Visit My New Blog Thoughts Uncovered! My Expressions In Ink. Thanks! Ila Varma. Follow: WordPress Link: https://thoughtsuncoveredblog.wordpress.com Facebook Page Link:https://www.facebook.com/Thoughts-Uncovered-142199136134178/

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  • ये नजदीकियाँ

    ख्बाबों में वे,     दस्तक देते हैं रोज।। आ जाओ अब, मेरे आगोश में। दूरियाँ, सही नहीं जाती अब। मुद्दत से कर रही हूँ, इंतजार, मुहुर्त, उस पल का, जब मैं “मैं” न रहूँ, तुम “तुम” न रहो, हो जाए “हम” हर सफर हो साथ, ये नजदीकियाँ।। © इला वर्मा 21/11/2015

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