चाहत बस इतनी
चाहत बस इतनी वह बैठे रहे मेरे संग मैं खुशी से खिलखिलाऊँ और वे मेरे गीतों पर गुनगुनाए ।। © Ila Varma 2015 Image…
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चाहत बस इतनी वह बैठे रहे मेरे संग मैं खुशी से खिलखिलाऊँ और वे मेरे गीतों पर गुनगुनाए ।। © Ila Varma 2015 Image…
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लाख कोशिशें रंग ना ला सकी हिम्मत ने साथ न देने की कसम खा ली है पर वह नहीं जानती उसने अंजाने में टक्कर ले ली है एक चट्टान से जो टिका है हर जूल्म सह कर हर एक वार ने उसे और मजबूत बना दिया एक चाह जगा गया मुकाबले से मुकाबला करने का…
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दिल ने कुछ कहा कुछ हमसे कुछ तुमसे हमने सुन कर मुस्कुराया तुम गुमसुम बन बैठे ।। हमारी मुस्कुराहट ने मचा दी तबाही बिना बात के नासुर बन गए क्या मेरी यही सजा थी मुस्कुराने की मैंने तो अपनी बर्बादी पर मुस्कुराया वो समझ बैठे मैंने उनकी खिल्ली उङा दी मैंने तो सोचा था मेरी…
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ख्बाबों में तुम्हे पास पाया सोचा था साथ चलोगे मीलों कसमें भी खाई थी संग छोङगें ना कभी मैं भी इतरायी तुम्हारी बातों पर खुद को खुशकिस्मत समझती गम से बहुत दूर अपने आशयाने में ख्बाबों को पिरोया सजाया खूब इठलाती मन ही मन पर जब सहारा माँगा तुम्हारे हाथों का झटक कर बढ गये…
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चंचल और चपल, नाजुक और कोमल मनमोहिनी यही हैं पहचान हमारी लाडली की ॥ घर आँगन गुलशन गुलशन रहे इसके आगमन से फिर भी समाज को नहीं भाती जन्म हमारी लाडली की ॥ भूल जाते हैं लोग यही है सृष्टि रचने वाली इसी ने हमें जन्म दिया और बढाया घऱ संसार ॥ बालपन में बापू…
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