Monday, March 14, 2016

#WOW - ‘If I Had A Time Machine’

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समय की सुई
चलती
टक-टक
न ठहरती
ना थकती
ना करती वादा
मिलेगें दुबारा।

काश
मुझे इक बार
ले जाती
बीते समय के पार
तो, सुधार लेती
चंद गलतियाँ
जो,मैं कर बैठी
अन्जाने में
बाल्यापन में
बार-बार
कभी दुखाया
माँ का दिल
कभी तङपाया
किसी का दिल।।

ले चल मुझे
बगिया-बागीचे में
माँगनी है
माफी
हर इक पेङ से
जिनके दिल को
कुदेरा और उकेरा
अपने चाहत का नाम।।

गलती हुई ढेरों अंजाने में
जिंदगी, दे दे
इक मौका,
उन्हें सुधार तो लूँ,
बीते समय के
पहलू को
इक बार
संवार तो लूँ।।


© इला वर्मा 2016

This post is a part of Write Over the Weekend, an initiative for Indian Bloggers by BlogAdda.


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